दुश्मन को खत्म करने का अमल 5/5 (7)

दुश्मन को खत्म करने का अमल

दुश्मन को खत्म करने का अमल – Dushman Ko Khatam Karne Ka Amal, Tarika, Taweez, Wazifa, Naksha, वैसे तो इस अमल का उपयोग नहीं करना चाहिए। परन्तु यदि आपका दुश्मन बहुत ही पावरफुल है और किसी भी विधि से वो मान नहीं रहा है और आप को उससे खुद की जान का दर है तो इसका प्रयोग कर सकते है. आज हम आपको दुश्मन को हलाक करने का कुरानी अमल और दुश्मन को जान से मारने का अमल बतायेगे। इसे दुश्मन को दूर करने का अमल भी कहा जाता है

Dushman Ko Khatam Karne Ka Amal

दुश्मन से बहुत परेशान है।तो यह अमल एक बार जरूर है। दुश्मन की दुश्मनी की कोई हद नहीं रहती है।और वह अपनी दुश्मनी निकालने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।वह आपको नुकसान पहुंचाने के लिए एक नहीं हजारों तरीके ढूंढ सकता है।

जिससे वह आपको दिन-ब-दिन नुकसान पहुंचाकर आपको सड़क पर ले आए आपकी माली हालतको खराब कर। आप को नुकसान पहुंचा कर आप का जीना मुहाल कर दे।उसकी दुश्मनी का मकसद यही नहीं ठहरता है।

दुश्मन को खत्म करने का अमल - Dushman Ko Khatam Karne Ka Amal, Tarika, Taweez, Wazifa, Naksha, Dua

दुश्मन को खत्म करने का अमल – Dushman Ko Khatam Karne Ka Amal, Tarika, Taweez, Wazifa, Naksha, Dua

वो आपकी जान का भी दुश्मन बन जाता है। अपनी चालों से वह आपको मारने के बारे में सोचता है इस समय से आप अपने दुश्मन से फतह हासिल कर सकते हैं।और उसके मकसद में नाकामी दे सकते हैं।

इस अमल को करने के लिए आपको 1 दिन मुकर्रर कर लेना होगा।जब आप इस अमल की शुरुआत कर सके।आपकोयहअमल रोजाना करते रहना है। अमल के लिए कोई शर्त नहीं है। लेकिन अमल को पाकसाफ़ जगह पर ही करें साफ कपड़ों में।

आपको इस अमलको29 बार करना है सलामोसलामुनक़ुरआनमिनरबनरहीम।

आप अपने दुश्मन को मारने के लिए कर सकते हैं।आपको इस अमल को रोजाना करना है।बिना नागा करें।जब आप अपने दुश्मन से बहुत ज्यादा परेशान हो जा। उसको मारना चाहे तो इस अमल को कर ले।इससेआपउसकी हर चाल से महसूस रहेंगे।यह बेहद ही आसान अमल है।इसे आप अपनी सहूलियत के मुताबिक अपनी जरूरत हासिल करने के लिए कर सकते हैं।

दुश्मन को हलाक करने का कुरानी अमल

दुश्मन को हलाक करने का कुरानी अमल – Dushman Ko Halak Karne Ka Qurani Amal, Tarika, Taweez, Wazifa, Naksha, Dua, यह एक जलाली अमल है।इसअमल के जरिए आपअपनेदुश्मन की शख्सियत को बुरी तरह से फना कर देंगे। दुश्मन का वजूद ही मिटजाएगा। वह आपको नुकसान न पहुंचा सकेगा। दुश्मन की हर चाल को नाकाम करने का बेहतरीन और मुजरिम अमल है।इस अमल की हम जितनी तारीफ करें कम है।

यह अमल अपने में कई खूबियों को बयां करता है।लेकिन आप इस अमल को तभी करें।जब आप अपने दुश्मन से बहुत ज्यादा परेशान हो चुके हो।क्योंकि यह अमल एक जलाली अमल है।अगर आप इस कोअपने नाजायजमकसद के लिए करेंगे।

तो उसके जिम्मेदार आपखुद होंगे। इसीलिए बेहतर होगा कि आप इसको अपने जायसमकसद के लिए करें।इसअमल के लिए आपको दुश्मन के पहने हुए कपड़े की जरूरत पड़ेगी।इस अमल कोआप नौचंदी जुमेरात शुरू करें।

Dushman Ko Halak Karne Ka Qurani Amal

करना आपको यह है कि जब नौ चंदी हफ्ते को सूरज निकलते वक्त दुश्मन के पहने हुए कपड़े पर अमल को करना है।आपको हूं अल अब्तरको5160 मर्तबापढ़करदमकरनाहै।फिर उसके बाद आपको दुश्मन के उस कपड़े को जलती हुई आग भी जला देना है।

जबआप इस अमल को कर चुके हो तो।इस अमल को करने के बाद गुसल कर लीजिए।और दुरू दे पाक को खूबकसरत से पढ़िए।ताकिअमल के जान लेवा बुरेअसरआप खुद प रना पड़े।दुश्मन को हलाक का सबसे बेहतर और लाजवाब अमल है।अमल पर अपना पक्का यकीन कायम रखें।यह दुश्मन को उसकी जानिब से पूरी तरह से हलाक कर देगा।

दुश्मन को जान से मारने का अमल

दुश्मन को जान से मारने का अमल – Dushman Ko Jaan Se Marne Ka Amal, Tarika, Taweez, Wazifa, Naksha, Dua, इस अमल के जरिए आप अपने दुश्मन को पूरी तरह से शिकस्त देंगे।दुश्मन अपने आप को कितना ही क्यों ताकतवर क्यों न समझता हो।अपने आपको कितना ही दिमाग वाला या पावरफुल तेज इंसान समझता हो।

लेकिन इस अमल के बाद वह अपनी इन सब कामयाबी को नाकामी में बदल देगा।उसकी हर कामयाबी नाकामीमें तब्दील जाएगी।और वह अपनी जान से हाथ धो लेगा।बाज़ दुश्मन ऐसे होते हैं जो इतना ज्यादा परेशान करते है।

हम ना चाहते हुए भी उनसे बेहद परेशान हो जाते हैं।लेकिन यह आसान अमल दुश्मन को मारनेके लिए बहुत काम आने वाले हैं अमल की तरफ बढ़ते हैं।अमल के दौरान काम में आने वाली कुछ जरूरी चीजें जिसकी हमें जरूरत पड़ेगी।पहली एक सफेद मोमबत्ती दूसरा माचिस।यहदोचीजेकी हमको जरूरत पड़ेगी।

Dushman Ko Jaan Se Marne Ka Amal

अमलकीशुरुआत के लिए आपको हम कुछ तरीके बताते हैं।कि किस तरह से आपको अमल को करना है।अमलकोकरने के लिए आपको सात बार सूरह कौसर पढ़ना है।

बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीमइन्नांआत्य-नां-कलकौसरफसल-ली-लीरब्बीकावनंहर्रइन्नास्योनी-अ-काहूवलअबतर। انااعطيناكالكوثرفصللربكانشانئكهو

सूरह कौसर के बाद आपको इस दुआ को 111 बार पढ़ना है। लाहावलावालाकुव्वताइल्लाबिल्लाह|आपको दुश्मन का नाम लेकर फिर मोमबत्ती पर फ़ुकमार देना है।अमल आपको बुधवार के दिन ही शुरू करना होगा।

इस अमल को बुधवार के अलावा कोई और दिन नाकरे।मोमबत्ती बुझ जाने के बाद पानी में फेंकना है।ज्यादा जरूरी होतभी इस अमल को करें।वरना किसी को परेशान करने के लिए अमल को हरगिज ना करें।

दुश्मन को दूर करने का अमल

दुश्मन को दूर करने का अमल – Dushman Ko Dur Karne Ka Amal, Tarika, Taweez, Wazifa, Naksha, Dua, दुश्मन को किस तरह दूर करते हैं।और उसके कामों को हम कैसे नकारसकते हैं।वह आपअमल के दौरान इल्म हासिल कर सकते हैं।दुश्मन को भगाने या फिर उसको दूर करने के लिए आपको एक नाम को पढ़ना है जो अपने में बहुत ही पावरफुल है।

इसअमल से दुश्मन आपसे कोसों कोसों दूर भाग जाएगा।आपको कभी भी 1 नाखून तक नहीं लगासकेगा।ना ही आपको कोई नुकसान पहुंचाने का सोचेगा।आपइसअमल को कभी भी किसी भी वक्त कर सकते हैं।इसके लिए कोई शर्त लाजमी नहीं है।

एक मुजरिम नाम का यह बेहतरीन अमल है।जिस की ताकत और कामयाबी आप खुद आजमा कर देख लीजिए।अमलकरने के लिए बहुत वक्त भी नहीं लगने वाला है।आप को पढ़ना यह है या कवेदो या कामयाबअमल है।

Dushman Ko Dur Karne Ka Amal

अमल को करने के लिए आपको ज्यादा वक्त भी नहीं लगेगा।इस अमल का विर्ध हम को 30 बार करना है।लेकिन आप चाहे तो ज्यादा तादाद में भी पढ़ सकते हैं।अमल से पहले आप दरूदशरीर जरूर पढ़ें।क्योंकि हजूर पाक सल्लल्लाहो ताला वसल्लम पर दुरूद ए पाक का नजराना देना जरूरी है।

यह हमारी दुआ की फजीलत के लिए बहुत ही कामयाब साबित होता है।आप अपनी जिंदगी में सुरे यासीन को मामूल बना ले।यह पढ़ने वाला अल्लाह ताला की हिफाजत में रहेगा।पढ़कर अपने ऊपरदम कर ले।

दुश्मन से खुद को महफूज रखें।सबसे जरूरी बात कि आपको पांच वक्त की नमाज हर हाल में अदा करनी ही है।बिना नमाज के कोई भी अमल कामयाबी हासिल नहीं कर सकता है।

Dusman se har kisi ko dar lagta hai, koi nahi chahata ki uske duman ho. Per hamare chahane se kuch nahi hota, isliye aaj hum aapko is samasya ka samadhan bata rahe hai.

Vaise to ye amal prayog karna nahi chaheye parantu yadi aapka duaman kisi bhi tarha se nahi maan raha ho or aapko khud ki jaan ka dar ho to he aap isko kisi anubhavi molvi se sampark karke upyog kare.

To hum topic per aate hai “Dushman Ko Khatam Karne Ka Amal, Tarika, Taweez, Wazifa, Naksha, Dua” isko Dushman Ko Halak Karne Ka Qurani Amal, Tarika, Taweez, Wazifa, Naksha, Dua bhi kaha jata hai.

Yadi aap apne dusman ko jaan se marna chahate hai to hamari dua Dushman Ko Jaan Se Marne Ka Amal, Tarika, Taweez, Wazifa, Naksha, Dua ka prayog kare ya fir dusman ko dur bagaye hamari Dushman Ko Dur Karne Ka Amal, Tarika, Taweez, Wazifa, Naksha, Dua se.

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मोहब्बत में पागल करने का अमल

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